कल तक गर्व था, आज घबराहट है: 'धुरंधर 2' के बाद नबील गबोल का यू-टर्न

जब से धुरंधर फिल्म आई है इसका हर एक किरदार इस कदर इंटरनेट पर वायरल है कि हर जगह केवल इसी की चर्चा है, लोग इंटरनेट में पाकिस्तान के शहरों से लेकर रियल लाइफ किरदारों को सर्च कर रहे हैं।

कल तक गर्व था, आज घबराहट है: 'धुरंधर 2' के बाद नबील गबोल का यू-टर्न

आपने धुरंधर फिल्म में राकेश बेदी द्वारा निभाया किरदार जमील जमाली को देखा होगा, यह रियल कैरेक्टर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता Nabeel Ghabol हैं, आइए जानते हैं कि धुरंधर के सेकंड पार्ट आने के बाद यह डरे हुए हैं।

धुरंधर फर्स्ट में नबील गबोल को गर्व हुआ

आदित्य धर की इस फेमस Ranveer Singh स्टारर फिल्म में जब जमील जमाली का किरदार गबोल साहब ने देखा तो ख़ुशी से फूले नहीं समाए, हर इंटरव्यू में कहते नजर आ रहे थे कि उन्हें लोग जमाली कहकर बुलाते हैं और रील कैरेक्टर उनकी पर्सनेलिटी पर एकदम शूट करता है। लेकिन जैसे ही दूसरा पार्ट आया यह सहमे हुए नजर आ रहे हैं।

Dhurandhar The Revenge में बना दिया इंडियन जासूस

दअरसल धुरंधर 2 में अंतिम तक राकेश बेदी का कैरेक्टर बढ़िया चल ही रहा था कि लास्ट में पता चलता है कि जमील साहब भी हमजा अली मजारी की तरह भारतीय एजेंट निकलते हैं और तो और फिल्म में यह दिखाया गया कि दाऊद अब्राहिम की बीमारी के पीछे भी जमाली यानि रियल लाइफ में नबील साहब का योगदान है।

खौफ में हैं नबील साहब

जैसे ही धुरंधर 2 की स्टोरी वायरल हुई, Gabol साहब किसी इंटरव्यू में दिखाई नहीं पड़ रहे हैं और अपनी पुरानी बातों से कन्नी काट रहे हैं साथ ही उनका कहना है कि वह रियल लाइफ में दबंग हैं और ल्यारी के बारे में जो कुछ दिखाया गया है वैसा कुछ भी नहीं है यह फिल्म पूरी तरह से फर्जी है।

निष्कर्ष

गबोल साहब हैं तो आखिरकार नेता ही, और नेता किसी का सगा नहीं होता और अपनी बात से पलटे न वह काहे का पॉलिटिकल लीडर, अब लोग कह रहे हैं कि यह तो इंडियन स्पाई निकला, कहीं पाकिस्तानी सेना गिरफ्तार न कर ले, कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि नबील साहब के बारे में बड़े साहब को पता चल चुका है तो अब उनकी खैर नहीं! खैर आपको क्या लगता है कि नबील गबोल सच में इंडियन जासूस हैं?

Amit Mishra

By Amit Mishra

नमस्कार! यह हमारी टीम के खास मेंबर हैं इनके बारे में बात की जाए तो सोशल स्टडीज में मास्टर्स के साथ ही बिजनेस में भी मास्टर्स हैं सालों कई कोचिंग संस्थानों और अखबारी कार्यालयों से नाता रहा है। लेखक को ऐतिहासिक और राजनीतिक समझ के साथ अध्यात्म,दर्शन की गहरी समझ है इनके लेखों से जुड़कर पाठकों की रुचियां जागृत होंगी साथ ही हम वादा करते हैं कि लेखों के माध्यम से अद्वितीय अनुभव होगा।

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