क्या आपने कभी सोचा है कि फैशन ट्रेंड (Fashion Trends) अचानक कैसे पूरे समाज में फैल जाते हैं? क्यों एक सेलिब्रिटी जो कपड़े पहनता है, वही कॉलेज के छात्र भी पहनने लगते हैं? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में मुंबई में आयोजित 'मुंबई व्याख्यानमाला' में इसी रहस्य को सरल शब्दों में समझाया।

उन्होंने अभिनेता सलमान खान का जीवंत उदाहरण देकर बताया कि समाज कैसे प्रभावशाली लोगों के पीछे चलता है और यह प्रक्रिया सदियों से चली आ रही है।
'महाजन': वे लोग जिन पर समाज भरोसा करता है
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में एक दिलचस्प शब्द पेश किया – 'महाजन'। पारंपरिक भारतीय समाज में, 'महाजन' उन लोगों को कहा जाता है जो समाज में सबसे अधिक भरोसेमंद, सम्मानित और प्रभावशाली माने जाते हैं। भागवत के अनुसार, आज के दौर में फैशन और ट्रेंड बनाने वाले लोग ही आधुनिक 'महाजन' हैं।
"जो लोग फैशन बनाते हैं, वे समाज में सबसे भरोसेमंद, सबसे अच्छे, सबसे सम्मानित लोग होते हैं। उन्हें अपनी भाषा में महाजन कहा जाता है।"
इसका मतलब यह है कि जब कोई सेलिब्रिटी या प्रभावशाली व्यक्ति कोई नया स्टाइल अपनाता है, तो लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे उसे फॉलो करने लगते हैं, क्योंकि वे उस व्यक्ति पर भरोसा करते हैं। यह प्रवृत्ति केवल फैशन तक सीमित नहीं है – यह समाज के हर पहलू में देखी जा सकती है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा।
सलमान खान उदाहरण: एक जीवंत केस स्टडी
मोहन भागवत ने अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए सीधे सलमान खान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा:
- सलमान खान क्या पहनते हैं? कॉलेज के छात्र भी वही पहनते हैं।
- वे ऐसा क्यों करते हैं? अक्सर इसका कोई विशेष कारण नहीं होता – बस यह एक चलन (Trend) बन जाता है।
- यह प्रक्रिया कैसे काम करती है? लोग यह जाने बिना भी कि पीछे का तर्क क्या है, सिर्फ इसलिए कुछ अपना लेते हैं क्योंकि वह 'लोकप्रिय' है।
इस उदाहरण से भागवत ने दिखाया कि सामाजिक प्रभाव (Social Influence) कितना शक्तिशाली हो सकता है। यह एक ऐसी शक्ति है जो लोगों के रोजमर्रा के फैसलों, यहाँ तक कि उनकी पहचान को भी आकार देती है।
RSS का संदेश: राष्ट्र निर्माण पर फोकस
इस कार्यक्रम का आयोजन RSS के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसका विषय था '100 Years of Sangh Journey: New Horizons'। अपने संबोधन में, मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का मुख्य उद्देश्य देशहित और सामाजिक एकता के लिए काम करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि संगठन का केंद्र बिंदु राष्ट्र निर्माण है, न कि किसी का विरोध करना या सत्ता हासिल करना। यह संदेश इस बात पर प्रकाश डालता है कि RSS समाज के सकारात्मक विकास और एकजुटता को कैसे देखता है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य हस्तियाँ
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सिर्फ सलमान खान ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख हस्तियाँ भी शामिल हुईं, जो मोहन भागवत के विचारों को गंभीरता से सुन रही थीं:
| व्यक्ति | पेशा | भूमिका |
|---|---|---|
| सुभाष घई | फिल्म निर्माता | कार्यक्रम में उपस्थिति, भाषण सुनना |
| प्रसून जोशी | गीतकार-कवि | कार्यक्रम में उपस्थिति, भाषण सुनना |
| सलमान खान | अभिनेता | मुख्य अतिथि, एकाग्रता से भाषण सुनना |
सलमान खान के आगमन पर, मौजूद लोगों ने उत्सुकता से उनकी तस्वीरें लीं, जो इस बात का प्रमाण है कि सेलिब्रिटी का सामाजिक प्रभाव कार्यक्रम के माहौल को भी कैसे प्रभावित कर सकता है।
समाज पर प्रभाव: मुख्य बातें
मोहन भागवत के इस संबोधन से हम कुछ महत्वपूर्ण बातें सीख सकते हैं:
- ट्रेंड बनाने वाले 'महाजन' होते हैं: समाज उन लोगों को विश्वास और सम्मान की दृष्टि से देखता है जो नए रुझान शुरू करते हैं।
- अनुकरण की प्रवृत्ति: लोग अक्सर बिना गहराई से सोचे, प्रभावशाली व्यक्तियों की नकल करते हैं, जिससे चीजें तेजी से फैलती हैं।
- फैशन सिर्फ कपड़े नहीं है: यह सामाजिक व्यवहार, विचारधारा और संस्कृति को प्रभावित करने का एक शक्तिशाली माध्यम है।
- सचेतन होना जरूरी है: भागवत का संदेश अप्रत्यक्ष रूप से यह भी है कि समाज को चलन के पीछे के कारणों को समझने की जरूरत है, न कि अंधानुकरण करने की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मोहन भागवत ने 'महाजन' शब्द से क्या समझाया? उन्होंने समझाया कि 'महाजन' पारंपरिक भारतीय समाज में उन प्रभावशाली लोगों को कहा जाता है जिन पर समाज भरोसा करता है। आज के संदर्भ में, फैशन और ट्रेंड बनाने वाले लोग (जैसे सेलिब्रिटी) आधुनिक 'महाजन' हैं।
सलमान खान का उदाहरण क्यों दिया गया? सलमान खान एक ऐसे सेलिब्रिटी हैं जिनका युवाओं पर गहरा प्रभाव है। उनका उदाहरण इस बात को स्पष्ट करने के लिए दिया गया कि कैसे एक प्रभावशाली व्यक्ति का स्टाइल बिना किसी विशेष कारण के पूरे समाज में एक ट्रेंड बन जाता है।
RSS का इस पूरे विषय से क्या संबंध है? यह व्याख्यान RSS के 100 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम का हिस्सा था। भागवत ने समाजशास्त्र के इस पहलू का उपयोग यह दिखाने के लिए किया कि RSS राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समझ को कैसे महत्व देता है, न कि केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित है।
इस भाषण का मुख्य संदेश क्या था? मुख्य संदेश यह था कि समाज में परिवर्तन और ट्रेंड अक्सर प्रभावशाली व्यक्तियों ('महाजन') के माध्यम से फैलते हैं, और समाज को इस प्रक्रिया के प्रति सचेत रहना चाहिए ताकि अंधानुकरण के बजाय सार्थक परिवर्तन हो सकें।
निष्कर्ष
मोहन भागवत का यह व्याख्यान सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि समाजशास्त्र की एक सरल पाठशाला थी। उन्होंने फैशन ट्रेंड और सामाजिक प्रभाव के जटिल विषय को सलमान खान जैसे रोजमर्रा के उदाहरणों के माध्यम से इतना स्पष्ट कर दिया कि कोई भी शुरुआती पाठक इसे आसानी से समझ सकता है। अगली बार जब आप कोई नया ट्रेंड फॉलो करें, तो एक पल रुककर सोचें क्या आप इसे सचमुच पसंद करते हैं, या सिर्फ इसलिए क्योंकि कोई 'महाजन' ऐसा कर रहा है? यही सचेतनता ही सच्चे सामाजिक विकास की कुंजी है।