रामसर सम्मेलन-1971 और भारत में रामसर साइट्स - Ramsar Sites

आज पूरा विश्व पर्यावरण परिस्थिति और जलवायु के मुद्दों पर एक हो रहा है इसका कारण यह है कि पिछले कई शताब्दियों से पर्यावरण को गहरी क्षति पहुंची है इस क्षति का असर यह रहा कि पर्यावरण को बैलेंस करने वाले अवयव लुप्त हो रहे हैं बतौर उदाहरण आर्द्रभूमि (वेटलैंड) का धीरे-धीरे गायब होना, इस समस्या से निजात पाने के लिए विश्व सांस्कृतिक धरोहर संस्था यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि संस्था का सम्मेलन एक साथ होता है और 1971 में दोनों संस्थाओं की मिली भगत से वैश्विक सम्मेलन का आयोजन कर एक पर्यावरणीय समझौते पर  हस्ताक्षर कर एक संधि का नाम दिया गया, इसी सम्मेलन का नाम था ' रामसर सम्मेलन' या वेटलैंड कन्वेंशन।

Ramsar Sites

आज पूरा विश्व जल की कमी की चुनौती से जूझ रहा है ऐसे में जल का संरक्षण एक अहम सवाल है इसी अहम सवाल का जवाब है Ramsar Sammelan in Hindi या Wetland Convention, आइए जानते हैं रामसर क्या है और उसके महत्त्वपूर्ण तथ्य और Ramsar Sites in India कितनी हैं।

रामसर सम्मेलन क्या है (Ramsar Convention 1971)

विश्व के विभिन्न देशों के वैज्ञानिक, पर्यावरणविद और जलवायु परिवर्तन के जानकारों को यह सम्मेलन एक मंच प्रदान करता है जिसके अंतर्गत जल संरक्षण,जलवायु परिवर्तन,बायोडायवर्सिटी के क्षेत्र में सतत विकास की योजना बन सके और एक वैश्विक साझी रणनीति बना सकें।

Ramsar Headoffice

UNESCO के तत्वाधान में 2 February 1971 को ईरान के कैस्पियन सागर के पास स्थित "Ramsar" नामक शहर में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था, इसी शहर के नाम से इस सम्मेलन का नाम रामसर सम्मेलन पड़ा। रामसर एक इंटरनेशनल पर्यावरण संधि है इसे "वेटलैंड्स कन्वेंशन" के नाम से भी जाना जाता है।

रामसर संधि के उद्देश्य (Objective of Ramsar Convention)

इस संधि का उद्देश्य विश्व भर के वेटलैंड(आर्द्रभूमि) की पहचान कर उनका संरक्षण करना है। विशेषतः उस गीलीभूमि का संरक्षण करना है जो 'जलीय पक्षियों'(180 प्रजाति के जलीय पक्षी)के लिए अनुकूलित आर्द्र भूमि हो।

आर्द्रभूमि के अंतर्गत:-

  • दलदली क्षेत्र
  • झीलें और नदियां
  • आर्द्रघास वाले मैदान
  • मैंग्रोव
  • मूंगा से निर्मित चट्टानों वाला क्षेत्र
  • फिश तालाब
  • धान के खेतों वाला क्षेत्र
  • नदियों के तटीय मैदान
  • डेल्टा निर्माण वाले क्षेत्र
  • नदी के ज्वाआरीय मुख

आदि जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अब तक पूरे विश्व में ढाई हजार रामसर साइट्स या आर्द्रभूमि यूनेस्को द्वारा संरक्षित की गई हैं।

भारत में रामसर साइट्स (Ramsar Sites in India)

रामसर संधि भारत में 1 फरवरी 1982 को लागू हुई, भारत में कुल अब तक 75 वेटलैंड साइट्स संरक्षित की गई है सबसे बड़ी रामसर साइट्स 'सुंदरवन आर्द्र भूमि' है जो कि पश्चिम बंगाल में स्थित है। तमिलनाडु एक ऐसा प्रदेश है जहां सबसे ज्यादा Wetland भूमि को सहेजा गया है।

क्र.सं भारत में रामसर साइटें राज्य
1 तमारा झील ओडिशा
2 हीराकुंड जलाशय ओडिशा
3 अंसुपा झील ओडिशा
4 यशवंत सागर मध्य प्रदेश
5 चित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
6 सुचिंद्रम थेरूर आर्द्रभूमि परिसर तमिलनाडु
7 वडुवुर पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
8 कांजीरंकुलम पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
9 ठाणे क्रीक महाराष्ट्र
10 Hygam आर्द्रभूमि संरक्षण रिजर्व जम्मू और कश्मीर
1 1 शालबुघ वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व जम्मू और कश्मीर
12 नंदा झील गोवा
13 कारिकिली पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
14 पल्लीकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट तमिलनाडु
15 पिचावरम मैंग्रोव वन तमिलनाडु
16 मन्नार समुद्री बायोस्फीयर रिजर्व की खाड़ी तमिलनाडु
17 वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर तमिलनाडु
18 वेलोड पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
19 उदयमर्थंडपुरम पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
20 वेदान्थांगल पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
21 रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य कर्नाटक
22 साख्य सागर मध्य प्रदेश
23 सिरपुर आर्द्रभूमि मध्य प्रदेश
24 कुंथनकुलम पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
25 सतकोसिया कण्ठ ओडिशा
26 पाला आर्द्रभूमि मिजोरम
27 बखिरा अभयारण्य उत्तर प्रदेश
28 भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य हरयाणा
29 सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान हरयाणा
30 हैदरपुर आर्द्रभूमि उत्तर प्रदेश
31 वाधवाना आर्द्रभूमि गुजरात
32 थोल झील गुजरात
33 खिजड़िया वन्यजीव अभयारण्य गुजरात
34 त्सो कार आर्द्रभूमि परिसर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख
35 सूर सरोवर उत्तर प्रदेश
36 आसन संरक्षण रिजर्व उत्तराखंड
37 कबरतल आर्द्रभूमि बिहार
38 लोनार झील महाराष्ट्र
39 समन पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश
40 पार्वती अर्ग पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश
41 समसपुर पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश
42 ब्यास संरक्षण रिजर्व पंजाब
43 केशोपुर-मियां कम्युनिटी रिजर्व पंजाब
44 नंगल वन्यजीव अभयारण्य पंजाब
45 नवाबगंज पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश
46 सैंडी पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश
47 सरसई नवर झील उत्तर प्रदेश
48 नंदूर मदमहेश्वर महाराष्ट्र
49 सुंदरबन आर्द्रभूमि पश्चिम बंगाल
50 नलसरोवर पक्षी अभयारण्य गुजरात
51 अपर गंगा नदी उत्तर प्रदेश
52 चंद्रताल आर्द्रभूमि हिमाचल प्रदेश
53 होकेरा आर्द्रभूमि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर
54 रेणुका आर्द्रभूमि हिमाचल प्रदेश
55 रुद्रसागर झील त्रिपुरा
56 सुरिंसर-मानसर झीलें केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर
57 अष्टमुडी आर्द्रभूमि केरल
58 भीतरकणिका मैंग्रोव ओडिशा
59 भोज आर्द्रभूमि मध्य प्रदेश
60 दीपोर बील असम
61 पूर्वी कलकत्ता आर्द्रभूमि पश्चिम बंगाल
62 कांजली आर्द्रभूमि पंजाब
63 कोलेरू झील आंध्र प्रदेश
64 प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य तमिलनाडु
65 पोंग बांध झील हिमाचल प्रदेश
66 रोपड़ आर्द्रभूमि पंजाब
67 त्सोमोरिरी केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख
68 वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि केरल
69 सस्थमकोट्टा झील केरल
70 वुलर झील केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर
71 हरिके आर्द्रभूमि पंजाब
72 लोकतक झील मणिपुर
73 सांभर झील राजस्थान Rajasthan
74 चिल्का झील ओडिशा
75 केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान Rajasthan

भारत में राज्यवार कुल रामसर साइट्स (State Wise list of Ramsar Sites in India)

1975 से लेकर 2022 तक भारत के राज्यों में 75 रामसाइट्स हैं कौन से राज्य में कितने आर्द्रभूमि स्थल हैं सारिणी के माध्यम से पढ़ सकते हैं।

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र रामसर स्थलों की संख्या
उत्तर प्रदेश 10
पंजाब 6
हिमाचल प्रदेश 3
केरल 3
जम्मू और कश्मीर के केन्द्र शासित प्रदेशों 5
गुजरात 4
हरयाणा 2
ओडिशा 6
राजस्थान Rajasthan 2
पश्चिम बंगाल 2
महाराष्ट्र 3
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख 2
आंध्र प्रदेश 1
बिहार 1
असम 1
मध्य प्रदेश 4
मणिपुर 1
तमिलनाडु 14
त्रिपुरा 1
उत्तराखंड 1
गोवा 1
कर्नाटक 1
मिजोरम 1
संपूर्ण 75 (नवीनतम)

भारत के नए रामसर स्थल

अगस्त 2022 में 11 नवीनतम आर्द्र स्थल को जोड़ा गया है। 1982 से लेकर 2013 तक केवल 26, 2014 से 2022 तक 49 स्थलों को जोड़ा गया है हाल ही में जोड़े गए स्थल इस प्रकार हैं:-

  • यह 4 उड़ीसा में हैं: तम्पारा झील
  • हीराकुंड जलाशय
  • अनसुपा झील
  • यशवन्त सागर
  • चित्रांगुडी पक्षी अभयारण्य, MP

  • यह तीनों तमिलनाडु में हैं: सुचिन्द्रम थेरूर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स
  • वडुवुर पक्षी अभयारण्य
  • कांजीरनकुलम पक्षी अभयारण्य

  • ठाणे क्रीक, महाराष्ट्र
  • यह दोनो J&K में हैं: ह्यगाम वेटलैंड कंजर्वेशन रिजर्व
  • शालबुघ वेटलैंड संरक्षण रिजर्व

रामसर सम्मेलन के महत्त्वपूर्ण बिंदु (Important Points of Ramsar Convention)

Sundarban Wetland Sites

Upsc और अन्य Exams की नजर से यह कुछ बिंदु हैं जो पूछे जा सकते हैं।

  • 2 फरवरी 2021 को रामसर कन्वेंशन की 50वीं वर्षगांठ मनाई गई।
  • भारत ने 2 फरवरी 2021 को वेटलैंड संरक्षण और मैनेजमेंट केंद्र की स्थापना की।
  • 75 रामसर साइट्स मौजूद हैं जो की 13 26 677 हैकटेयर जमीन को कवर करता है।
  • रामसर सम्मेलन पूरी तरह से लागू 21 दिसंबर 1975 को हुआ था।
  • पूरी दुनिया में 2500 रामसर साइट्स है और इस सम्मेलन के अंतर्गत 171 देशों ने भाग लिया है।
  •  इसका आयोजन 3 साल में किया जाता है साल 2022 में चीन के वुहान में इसका आयोजन हुआ था इस बैठक को COP के नाम से जान जाता है।

रामसर साइट्स से सम्बन्धित FAQ

रामसर साइट्स एक ऐसा टॉपिक है जो वैश्विक है और मानव के हित के लिए पानी और जलवायु का संचय करने का प्रयास है, चाहे साधारण प्रतियोगी एग्जाम हो या सिविल सर्विसेज हो इससे संबंधित एक प्रश्न अवश्य आता है आप भी चेक करिए कौन कौन से प्रश्न आ चुके हैं या संभावना है।

रामसर सम्मेलन कहां और कब हुआ था?

रामसर सम्मेलन 2 फरवरी 1971 को ईरान के कैस्पियन सागर के किनारे बसे शहर "रामसर" में हुआ था।

भारत में कुल कितने रामसर स्थल है 2023?

अब तक 75 वेटलैंड भूमि हैं।

भारत में कितने वेटलैंड है?

75

रामसर की शुरुआत किसने की थी?

1960 में ईरान के पर्यावरण मंत्री एस्कदर फिरोज,फ्रांस के कैमरग,जैफरी मैथ्यूज मुख्य रूप से शामिल थे।

भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल कौन सा है?

सुंदरवन डेल्टा भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल है।

भारत में सबसे ज्यादा रामसर स्थल किस राज्य में है?

तमिलनाडु में 14 और उत्तर प्रदेश में 10 रामसर साइट्स हैं।

भारत का पहला वेटलैंड शहर कौन सा है?

उदयपुर, राजस्थान

भारत में रामसर स्थलों की घोषणा किसने की?

यूनेस्को द्वारा 1971 में।

भारत ने रामसर में कब हस्ताक्षर किए?

1 फरवरी 1982 को।

भारत में पहला रामसर स्थल कौन सा है?

उड़ीसा की चिल्का झील और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को पहला रामसर स्थल घोषित किया गया था

सबसे ज्यादा रामसर स्थल किस देश में हैं?

यूनाइटेड किंगडम में 175 साइट्स

विश्व के कितने रामसर स्थल हैं?

2500 के लगभग।

राजस्थान की पहली रामसर साइट कौन सी है?

केवलादेव।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2023 का विषय क्या है?

"it's Time for wetlands Restoration" है।

विश्व का सबसे बड़ा आर्द्रभूमि तंत्र कौन सा है?

पेंटानल (पुर्तगाल)

भारत रामसर समझौते का सदस्य कब बना?

1 फरवरी 1982 को।

भारत में नवीनतम 2023 की रामसर साइट कौन सी है?

करीकिली पक्षी अभयारण्य, पल्लीकलनाई, पिचवरम मैंग्रोव, पाला अर्धभूमि, साख्य सागर।

वर्ष 2023 तक बिहार का एकमात्र रामसर स्थल कौन सा है?

बेगूसराय की कांवर झील।

भारत में आर्द्रभूमि का सबसे बड़ा क्षेत्रफल किस राज्य में है?

लक्षद्वीप

वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय शोध निरंतर जारी है विज्ञान से एक तरफ फायदे हैं तो दूसरी तरफ उसके अपने नुकसान हैं ऐसे में इस धरती की जटिल समस्याओं के लिए अनेक सम्मेलन हो रहे हैं ऐसे में यह सम्मेलन कितने कारगर हैं इसका आंकलन समय पर पता चलेगा।

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