Indian Budget History: बजट में हुई 4 ऐतिहासिक ‘पहली बार’ वाली घोषणाएं

आज 1 फरवरी 2026 को वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman सुबह 11 बजे संसद में Budget 2026 पेश करेंगी, भारत में केंद्रीय बजट साल भर का फाइनेंशियल लेखा जोखा होता है कि कौन से सेक्टर में सरकार कितना खर्च करने वाली है।

Indian Budget History: बजट में हुई 4 ऐतिहासिक ‘पहली बार’ वाली घोषणाएं

हम यहां पर बजट 2026 की बात न करके ऐसी कुछ घटनाओं पर चर्चा करेंगे जो भारतीय इतिहास में पहली बार घटित हुआ है।

रविवार को बजट पेश करना

इस बार 2026 में पहली बार ऐसा हो रहा कि देश का यूनियन बजट Sunday के दिन पेश किया जा रहा है इसके पहले सन 1999 में 28 फरवरी के दिन रविवार था लेकिन उस समय के हालिया फाइनेंस मिनिस्टर ने एक दिन पहले ही बजट लागू कर दिया था।

एक ही वित्त मंत्री द्वारा लगातार 9 बार बजट पेश करना

भाजपा की केंद्र की सरकार में निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार लेखा जोखा पेश करने वाली मंत्री बन गई हैं इसके पहले सबसे ज्यादा बार P. Chidambaram और Pranab Mukherjee के नाम यह रिकॉर्ड दर्ज है। निर्मला जी आजादी के बाद से सबसे लंबे समय तक FM के पद पर रहने वाली व्यक्ति हैं।

बजट की तारीख में बदलाव

आजादी के बाद से ही प्रथा थी कि बजट फरवरी के लास्ट दिनों में संसद में प्रस्तुत होता था कभी 28 तो कभी 29 फरवरी, लेकिन साल 2017 में केंद्र की मोदी सरकार के नेतृत्व में फाइनेंस मिनिस्टर ने इसे 1 फरवरी 2017 को पेश किया। इसके पहले रेलवे बजट अलग से पेश किया जाता था लेकिन इसी वर्ष से यह प्रथा बदलकर एक बजट में शामिल कर दिया गया।

ब्रिटिश के जमाने का समय

साल था 1999 और केंद्र में थी वाजपेई जी की सरकार और वित्त मंत्रालय का जिम्मा सम्हाल रहे थे Yashwant Sinha, इसी समय बजट के पेश होने का समय बदला गया वैसे आजादी के बाद से हमेशा शाम को 5 बजे पेश किया जाता था है और कई बार तो आधी रात को भी लेकिन इस वर्ष के बाद से ही सुबह के 11AM का समय निर्धारित किया गया जो कि फ़िक्स था।

बड़ा बदलाव

वैसे तो ऊपर दिए गए बदलाव एक जानकारी के तौर पर ठीक है लेकिन अगर वृहद रूप से देखा जाए जिसके बाद से बजट के मायने बदल गए। वह दौर था 1991-92 का जब वित्त मंत्री थे श्री मनमोहन सिंह और देश बुरी तरह कर्जे में डूबा हुआ था लेकिन उसके बाद वित्त मंत्री ने LPG (Liberalisation, Privatisation, Globalisation) मॉडल जोड़कर भारत को आर्थिक आजादी दिलाई, इसलिए यह परिवर्तन अब तक का सबसे बड़ा परिवर्तन माना जाता है वैसे आपके हिसाब से अब तक का सबसे बेस्ट फाइनेंस मिनिस्टर कौन रहा है?



By Amit Mishra

नमस्कार! यह हमारी टीम के खास मेंबर हैं इनके बारे में बात की जाए तो सोशल स्टडीज में मास्टर्स के साथ ही बिजनेस में भी मास्टर्स हैं सालों कई कोचिंग संस्थानों और अखबारी कार्यालयों से नाता रहा है। लेखक को ऐतिहासिक और राजनीतिक समझ के साथ अध्यात्म,दर्शन की गहरी समझ है इनके लेखों से जुड़कर पाठकों की रुचियां जागृत होंगी साथ ही हम वादा करते हैं कि लेखों के माध्यम से अद्वितीय अनुभव होगा।

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