IVF आईवीएफ(In Vitro Fertilization) अथवा Test-Tube Baby के बारे में A to Z सम्पूर्ण जानकारी

आज लाखों की संख्या में शादी सुदा लोग बच्चे न होने की वजह से परेशान है संतान की प्राप्ति न होने पर कई परिवारों के रिश्ते उजड़ गए हैं अब तो फिर भी स्थिति में सुधार हुआ है वरना लगभग 15 साल पहले तक हमारे देश के कुछ हिस्सों में रूढ़िवाद की सीमा यह थी कि अगर बच्चे न हों तो उस औरत को अस्तित्व विहीन समझा जाता था

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लेकिन विज्ञान के इस युग में ऐसी कई तकनीकों का अविष्कार हो चुका है जिससे माता पिता बना जा सकता है उन्हीं में से एक खास तरह की तकनीकी पद्धति IVF विषय के बारे में प्रकाश डालेंगे।

IVF क्या है

IVF अर्थात In Vitro Fertilization, बाँझपन (Infertility) के उपचार की एक कृतिम वैज्ञानिक तकनीक है जिसके द्वारा महिला-पुरुष को सन्तान शुख की प्राप्ति होती है। कई रिपोर्टों के आधार पर भारत मे लगभग 3 से 4 करोड़ दंपत्ति (कुल आबादी की लगभग 10 से 15 प्रतिशत जनसंख्या) इस समस्या से जूझ रहें हैं लगातार यह समस्या विकराल होती जा रही है,आइये आईवीएफ तकनीक के बारे में विस्तार से जानते हैं

IVF की सम्पूर्ण प्रक्रिया और तकनीक के बारे में कुछ जानकारियाँ

इस प्रक्रिया में पुरुष के शुक्राणु (Sperm) और महिला के अंडे (eggs) को प्रयोगशाला में एक परखनली(Test-Tube)में एक साथ रखा जाता है जिसे निषेचन (Fertilization) कहा जाता है और इसके बाद भ्रूण(Embryo) बनना शुरू हो जाता है, 2 से 3 दिन के अंतराल के बाद इस भ्रूण को वापस महिला के गर्भाशय (Uterus) में स्थापित कर दिया जाता है यह एक कृतिम गर्भाधान विधि है, भ्रूण को गर्भ में स्थापित करने के लगभग 2 हफ्ते बाद जाँच द्वारा इस बात की पुष्टि की जाती है कि महिला गर्भवती हुई है अथवा नही।

भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थापित करने के पहले की कुछ सावधानियाँ

जब कोई भी पद्धति कृतिम ढंग से एक्जिक्यूट की जाती है तो उसमे सावधानी अपनाना एक बड़ा स्टेप है इसलिए जब महिला के गर्भ में Embryo को प्लांट करते हैं तो कुछ बातों का ख्याल रखना आवश्यक है।

  1. भ्रूण को गर्भ में स्थानान्तरण करने के पहले सम्भोग (sex) नही किया जाना चाहिए क्योंकि शुक्राणु का योनि (vagina) के अंदर होना भ्रूण के लिए हानिकारक होता है।
  2. किसी भी प्रकार के साबुन या Detergent अथवा कोई भी हानिकारक Chemical से बना Solution का इस्तेमाल योनि (Vagina) को धुलने (wash) के लिए नही करना चाहिए।
  3. भ्रूण स्थानान्तरण (Embryo Transfer) होने से पहले अच्छे से पानी पीना चाहिए ताकि सोनोग्राफी (SonoGraphy) करते समय पेट के अन्दर की सारी गतिविधियों साफ साफ आसानी से देखा जा सके,कई बार साफ न दिखने की वजह से भ्रूण ट्रान्सफर फेल भी हो जाता है।
  4. भ्रूण ट्रान्सफर या स्थानान्तरित होने के बाद महिला को कम से कम 6 से 8 घण्टे का बेड रेस्ट अनिवार्य होता है।

भ्रूण स्थानान्तरण (Embryo Transplant) होने के बाद की कुछ सावधानियाँ

हर एक चरण का सफलता पूर्वक पूरा होना बहुत जरूरी है इसलिए  अगली कड़ी में इन बिन्दुओं पर अमल जरूर कीजिए।

  1. डॉक्टर के मार्गदर्शन में दवाओं और Injections को समयानुसार लेना।
  2. भ्रूण के ट्रांसप्लांट के लगभग 3 या 4 घंटे बाद से ही सामान्य गतिविधियां करते रहना चाहिए,जरूरी नही है कि महिला पूरी तरह Bed Rest ही करे।
  3. वजन उठाने से बचें और लगातार कोई ऐसा काम न करें जिसपे शरीर अत्यंत थकावट महसूस करने लग जाए।
  4. दिमाक का संतुलित रहना ऐसे समय मे अत्यंत आवश्यक होता है स्ट्रेस लेने से बचें।
  5. ज्यादातर बाहर जाने से बचें,बाहर जाने पर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

भ्रूण स्थानान्तरण (Embryo Transplant) के बाद उचित खानपान का होना अत्यंत जरूरी है

प्रोटीन, Vitamins, खासकर vitamin-CNuts और Sessional fruits का सेवन लाभदायक होता है। स्वस्थ खानपान,किसी डायटीशियन की सलाह से लेवें, भ्रूण ट्रांसप्लांट के बाद उचित और स्वस्थ आहार लेना अतिआवश्यक है।

  1. बाहर के बने खाने से बचें,घर का बना ही खाना खाएँ,खाना पकने के एक घंटे के अंदर खाना खा लें।
  2. ज्यादा मसालेदार और तेल (oily) युक्त आहार न लेवें,यह कई प्रकार के विकार उत्पन्न करता है।
  3. खाने की मात्रा कम कर दें जबकि दिनभर में थोड़ा थोड़ा करके 3 से 4 बार आहार लें सकते हैं।
  4. ज्यादा से ज्यादा पानी पियें, ज्यादा पानी पीने से Urination होगा और बॉडी ज्यादा डिटॉक्सीफाई होगी।
  5. ज्यादा से ज्यादा Antioxidant लें ताकि शरीर से ऑक्सीडेंट्स और टॉक्सिक पदार्थ निकल जाएँ।

IVF कितना सफल है? क्या है इसकी सफलता की दर (Success Rate of IVF)

जिस भी महिला IVF प्रॉसीजर के तहत गर्भ धारण करना है उसके लिए यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वह महिला Pregnancy को Carry करने के लिए मेडिकली कितनी फिट है,महिला की फिटनेस जाँच के लिए सामान्यतः कुछ टेस्ट करवाए जाते हैं जैसे कि-

  • Thyroid Test
  • Sugar Test
  • Prolactin Test
  • Hemoglobin Test

इन टेस्ट की नार्मल रिपोर्ट आने पर ही IVF के लिए महिला फिट मानी जाती है साथ ही साथ यह सारे टेस्ट IVF के सफल होने के चान्सेस को बढ़ाता है।

  1. पुरूष का स्पर्म और महिला के एग्स की गुणवत्ता जितनी अधिक होगी उतना सफल प्रेगनेंसी होने के आसार बढ़ेंगे।
  2. महिला की Trans vaginal sono Graphy के द्वारा परीक्षण करके,अगर आवश्यक है तो गर्भाशय की दीवार को अच्छा बनाने के लिए दवाईयाँ दी जाती है।
  3. मेन्टली फिटनेस भी अनिवार्य है अगर महिला की मानसिक स्थिति  संतुलित होगी तो गर्भ धारण के सफल होने की सम्भावना अधिक होगी।

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IVF की प्रक्रिया का खर्च

आईवीएफ एक गुप्त प्रक्रिया होती है किसी सर्टिफाइड संस्था के माध्यम से ही इलाज करवाएँ, IVF प्रक्रिया का औसतन खर्च 1 से 1.5 लाख के लगभग होता है। IVF एक Physically, Mentally और Socially प्रॉसेस है जिसके लिए एक बेहतरीन स्पेशलिस्ट डॉक्टर से ही परामर्श और मार्गदर्शन लें।

Disclaimer: यह लेख की विषयवस्तु जाँच परख कर चिकित्सकीय जानकारियों और शोध के आधार पर लिखी गयी है इस लेख का केवल एकमात्र उद्देश्य Medical Awareness को बढ़ाना है।

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