Urine Infection क्या है पूरी जानकारी - Symptoms, Types, Home Remedies, Ayurvedic Medicine, Prevention

सन 2021 में 'इंडियन हेल्थ जर्नल' ने Urine Infection संबंधित बीमारी पर स्टडी की जिसमे पाया गया कि भारत में से हर 10 महिलाओं में से 5 महिलाएं और 10 पुरुषों में 3 पुरुष किसी न किसी टाइप के पेशाब इन्फेक्शन से ग्रसित हैं।

urine infection

कई सारी रिपोर्ट्स से यह अंदाजा लगाया गया कि पूरी दुनिया से लगभग हर साल 15 करोड़ लोग इस बीमारी से जूझते हैं। पूरी दुनियां में महिलाओं की जितनी जनसंख्या है उसका 40 प्रतिशत और पुरुषों की कुल जनसंख्या का 12 प्रतिशत अपने सम्पूर्ण जीवन काल में कम से कम एक बार इस इन्फेक्शन से बीमार जरूर होते हैं।

Urine infection की कैसे करें पहचान

urine infection symptoms

Urine Infection के लक्षण नीचे दिए जा रहे हैं अगर आप भी ऐसे कोई इन्फेक्शन से ग्रसित हैं तो पहचान करिए

  • बार बार पेशाब का आना
  • पेशाब करते समय जलन होना
  • पेशाब की धार कमजोर होना
  • पेशाब का पीला होना
  • पानी पीने के बाद बार बार पेशाब लगना
  • यूरिन के साथ Blood आना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • महिलाओं के पेल्विक(पेट या पीठ का निचला हिस्सा) हिस्से में दर्द होना

इन लक्षणों में से यदि कोई भी लक्षण किसी महिला या पुरुष में दिखाई दे रहा है तो बहुत संभावना है कि वह यूरिन इंफेक्शन से ग्रसित हो।

बार बार पेशाब का आना (Frequent Urination)

urine infection things to note

अगर आपको दिन या रात में बार-बार पेशाब लग रही है तो पहले आप इन बातों का ध्यान रखे…

  1. क्या आप ज्यादा पानी पीते हैं?
  2. क्या आप डायबिटीज अथवा मधुमेह (Sugar) से पीड़ित तो नहीं हैं??
  3. क्या आप पानी की मात्रा 4 लीटर से अधिक पीते हैं??
  4. क्या आप कॉफी, चाय, शराब, तंबाकू या कोई उत्तेजक पदार्थ ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करते हैं??
  5. कहीं आपको पथरी (Stone) की समस्या तो नही है?
  6. कहीं आप Blood Pressure की दवाइयों का सेवन तो नही कर रहे??

अगर ऊपर लिखी यह बातें आपकी दिनचर्या का हिस्सा हैं तब तो यह भी पेशाब के बार बार आने का कारण हो सकती हैं यदि ऐसी कोई दिनचर्या आपके शेड्यूल में शामिल नहीं है तो आप कुछ नुस्खों और आयुर्वेद को फॉलो कर सकते हैं।

अगर दिन भर में 4 से 5 बार यूरिन के लिए जाते हैं तो यह कोई समस्या नहीं बल्कि यह आम बात है कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है।

Home Remedies For Frequent Urination बार बार पेशाब का आना घरेलू उपाय या नुस्खे

  1. मौसम के अनुसार फलों या उनका Juice का सेवन करें।
  2. हरी सब्जियां का सेवन करें।
  3. केले (Banana) को खाने में जरूर शामिल करें।
  4. नारियल पानी(Coconut water) दिन में एकाध बार जरूर पिएं।
  5. अनार, सेब (Apple), आंवला जैसे फलों को अपनी दिनचर्या में जरूर सम्मलित करें।
  6. दही को अपने खाने का हिस्सा बनाएं और नियमित इस्तेमाल करें।
  7. अदरक पेशाब नली और इन्फेक्शन के लिए अत्यंत कारगर उपाय है।

बार बार पेशाब आना की आयुर्वेदिक दवाएं - Ayurvedic Medicine for Frequent Urination

Ayurvedic ग्रंथों जैसे चरक संहिता,बागभट्ट संहिता तथा पतंजलि की किताबों में उल्लेख मिलता है कि मानव शरीर में कोई भी बीमारी हो वह तीन अवयव पर निर्धारित होते हैं वह तीन अवयव हैं

  • वात
  • पित्त
  • कफ

इन तीनों का डिसबैलेंस बीमारी को जन्म देता है आयुर्वेदिक के अनुसार माना जाता है कि पेशाब की बीमारी या अन्य समस्याएं "कफ" और "वात" के असंतुलन की वजह से पैदा होती हैं।

आयुर्वेदिक पद्धति में 2 तरीके हैं जिससे इलाज किया जाता है एक है योगासन और दूसरी हैं जड़ीबूटियां(पेड़ों से प्राप्त पत्ते,फल, जड़ इत्यादि),आप बेहतर लाभ के लिए दोनो का प्रयोग एक साथ अपनी दिनचर्या में कर सकते हैं।

  • मूत्र की समस्या के लिए योगासन
  • अनुलोम विलोम नियमित रूप से करें
  • सूर्य नमस्कार को कम से कम 3 बार करें
  • वज्रासन और गुर्दा मुद्रा का अभ्यास करें
  • अर्ध हलासन और अश्वनी मुद्रा भी पेशाब की समस्या में काफी कारगर योग मुद्राएं हैं।

यह कुछ आयुर्वेदिक दवाएं हैं जिन्हे आप वैद्यकीय परामर्श से लक्षण अनुसार ले सकते हैं..

  • अमृतादि क्वाथ(काढ़ा)
  • प्रवला नाम से भस्म आयुर्वेदिक दुकानों से ले सकते हैं
  • एलादि चूरन 
  • तारकेश्वर रस या काढ़ा का प्रयोग
  • आमलकी रसायन और चंद्रप्रभा वटी का प्रयोग कर सकते हैं।
  • अलारसिन कम्पनी की बंगशील गोलियां (Alarsin Bangshil Tablets) बहुमूत्र रोग में बहुत ही कारगर है।

महिलाओं में बार बार पेशाब आना आम समस्या - Frequent Urination in Women

महिलाओं में यह समस्या बहुत ही आम है पूरे विश्व में एक आंकड़े के अनुसार 40 प्रतिशत महिलाओं को एक बार जीवन में UTI (Urinary Tract Infection) से जरूर ग्रसित होती है। हालांकि अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं लेकिन यह एक कॉमन समस्या है। इसके सिम्पटम की बात करें तो पीठ के निचले हिस्से में दर्द से लेकर पेशाब में जलन होना व दुर्गंध होना इसके लक्षण हैं।

दूसरी कॉमन समस्या महिलाओं में ब्लैडर का ओवरएक्टिव हो जाना भी बार बार पेशाब होने का कारण हैं, दोनो ही समस्या होने पर आप चिकित्सक को तुरंत दिखाएं और दिए गए उपाएं दोनो महिला व पुरुष के लिए हैं आप कर सकते हैं।

पेशाब में जलन (Dysuria) या दर्द होना

Urine के दौरान दर्द या जलन होना आजकल सामान्य बात है इसके कई सारे कारण हो सकते हैं जैसे कि

  1. सिस्टाइटिस(मूत्रमार्ग में सूजन,खुजली या लालिमा होना), यह एक प्रकार का जीवाणु(Bacterial) इन्फेक्शन है।
  2. एक सामान्य कारण यह भी हो सकता है कि आप आवश्यकता अनुसार पानी न पी रहें हों।
  3. अगर मूत्र मार्ग में पथरी(Stone) हो जाए तो Urine में जलन और बहुत पेनफुल हो सकता है।
  4. महिलाओं में यह समस्या Vaginal infection की वजह से ज्यादातर होती है।
  5. पुरषों में प्रोस्ट्रेट ग्रंथि का बढ़ जाना भी इसका मुख्य कारण हो सकता है।

कई बार पेशाब में जब जलन या दर्द की समस्या होगी तो निम्न प्रकार की भी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि 

  1. ज्वर और शरीर में कंपकंपी होना
  2. पेशाब से बदबू आना
  3. Urine के साथ Blood जाना 
  4. मूत्र का रंग बदल जाना
  5. पेट दर्द, बदन दर्द शरीर में भारीपन होने के साथ साथ   मूत्र से दुर्गंध आना यह भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

पेशाब में जलन (Dysuria) व दर्द के घरेलू उपाय - Home Remedies For Dysuria

Urine के दौरान जलन व दर्द होने पर आप सामान्य उपचार कर सकते हैं

  1. कम से कम नियमित रूप से रोजाना 8 से 10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें।
  2. रसदार फलों का सेवन जरूर करें जैसे कि नारियल पानी(Coconut Water), आंवला का रस, नींबू व संतरा कीवी इत्यादि।
  3. दही व Buttermilk जिसे आमभाषा में छांछ कहा जाता है का सेवन बहुत कारगर माना जाता है।
  4. काफी,चाय,मिर्च मसाले और अल्कोहल का सेवन तत्काल प्रभाव से बंद कर दीजिए।

पेशाब में जलन या दर्द की आयुर्वेदिक दवा Ayurvedic Medicine for Dysuria

कुछ आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा कुछ दवाइयां बताई गई हैं बहुत ही सावधानी और उचित सलाह से इन्हे लें।

  1. Chandanadi vati टैबलेट का इस्तेमाल पेशाब की जलन व दर्द में कर सकते हैं।
  2. Gokshuradi Guggulu, बहेड़ा,त्रिफला काली मिर्च से युक्त यह दवा मूत्र रोग में अत्यंत कारगर है।
  3. Punarnavasava Syrup जिसमे नीम छाल,धाय के फूल, आंवला,एरंड की जड़,अड़ूसा के गोखरू,पुनर्नवा,गिलोय इत्यादि के संयोजन से मिलकर बनाया गया काढ़ा है यह मूत्र के इन्फेक्शन में अत्यंत लाभकारी है।

आप इन्हे चिकित्सकीय परामर्श से बीमारी के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

इस लेख में पेशाब से सम्बन्धित जितनी भी बीमारियां है सबके विषय में बहुत खोजबीन करने के बाद लिखा गया है उम्मीद है कि जानकारी पसंद आएगी, आपकी इस मर्ज से संबंधित क्वेरी को भी फ्रीक्वेंट अस्क क्वेश्चन के माध्यम से कवर करने की कोशिश की है।

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (उत्तर जानने के लिए प्रश्न पर क्लिक करें।):-

पेशाब करने के बाद भी बूंद बूंद पेशाब का निकलना?

कैफीन, शराब और ऐसे पदार्थ का सेवन एकदम बंद कर दें जो अम्लीय हों।

एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?

कम से कम 2.5 से 3 लीटर या 8 से 10 गिलास औसतन।

24 घंटे में कितना पेशाब निकलना चाहिए?

सामान्य स्थिति में 1 से 2 लीटर।

24 घण्टे में कितनी बार पेशाब करना चाहिए?

6 से 8 बार।

रात को सोते समय बार बार पेशाब क्यों लगती है?

एक शोध के अनुसार पाया गया कि ज्यादातर मामलों में High Blood Pressure की समस्या रहती है।

क्या हर 2 घंटे में पेशाब करना नॉर्मल है?

नही, 3 से 4 घण्टे का गैप सामान्य रूप से होना चाहिए।

क्या पानी पीने के बाद तुरंत बाद पेशाब करना नॉर्मल है?

हां सामान्य कहा जा सकता है लेकिन हर बार नहीं।

पेशाब की नली में इन्फेक्शन कैसे होता है?

पानी कम पीना,ज्यादा देर तक मूत्र को रोक कर रखना,महिलाओं में पीरियड के रुकने और गर्भावस्था के समय भी यूरीन इन्फेक्शन हो जाता है।

क्या Urine Test बीमारी का पता लगा सकता है?

मूत्र परीक्षण द्वारा Kidney, Liver, Sugar जैसी बीमारियों का पता लगाया जा सकता है।

पेशाब में से बदबू आने का क्या कारण हो सकता है?

Urine Infection, UTI से संभवतः पीड़ित हो।

पेशाब से सड़े हुए अंडे की तरह बदबू आने का कारण?

प्रोस्टेटाईटिस होने के संकेत हैं।

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Amit Mishra

By Amit Mishra

नमस्कार! यह हमारी टीम के खास मेंबर हैं इनके बारे में बात की जाए तो सोशल स्टडीज में मास्टर्स के साथ ही बिजनेस में भी मास्टर्स हैं सालों कई कोचिंग संस्थानों और अखबारी कार्यालयों से नाता रहा है। लेखक को ऐतिहासिक और राजनीतिक समझ के साथ अध्यात्म,दर्शन की गहरी समझ है इनके लेखों से जुड़कर पाठकों की रुचियां जागृत होंगी साथ ही हम वादा करते हैं कि लेखों के माध्यम से अद्वितीय अनुभव होगा।

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