Surrogacy/Surrogate क्या है जाने क्या कहता है कानून और सरोगेसी Bill, इसके प्रकार तथा सम्पूर्ण जानकारी

मीडिया संस्थानों के हवाले से खबरों के अनुसार कुछ साल पहले Actress Priyanka Chopra और उनके पति Nick Jonas ने Surrogacy का इस्तेमाल कर माता पिता बने हैं

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इसके अलावा Shahrukh khan,और Shilpa Shetty ने भी Surrogacy के माध्यम से बच्चों को जन्म दिया है ऐसे आए दिन कई वीआईपी लोगों की खबरें आती रहती हैं।

क्या है सेरोगेसी (What is Surrogacy)

आसान भाषा मे समझा जाए तो सेरोगेसी में कोई भी वैवाहिक जोड़ा अपना बच्चा पैदा करने के लिए किसी दूसरी महिला की कोख (Womb) को किराए पर ले सकता है। दूसरी भाषा मे कहा जाए तो एक महिला सहमत होती है अपनी कोख में किसी दूसरे के बच्चे को जन्म देने के लिए।
Surrogacy पर अनेकों फिल्मे बन चुकी हैं उनमें से उदाहरण के लिए कुछ फिल्मों के नाम बता रहें हैं:-

  1. Salman Khan की Chori Chori Chupke Chupke.
  2. Mimi इस Movie के मुख्य किरदार में Kriti Sanon और Pankaj Tripathi मुख्य किरदार में हैं।

सेरोगेसी के प्रकार (Types Of Surrogacy)

सेरोगेसी मुख्यतः 2 प्रकार से हो सकती है

  1. Traditional Surrogacy
  2. Gestational Surrogacy

Traditional Surrogacy:- इस सरोगेसी में वैवाहिक दंपत्ति में से पुरुष अपना 'स्पर्म(Sperm)'देता है और जिस महिला की कोख उधार ली गई है (Surrogate Mother) उस महिला के 'Egg' को लिया जाता है, फिर मेडिकल एक्सपर्ट 'Egg' को लैब में फर्टिलाइज करते हैं और जब Egg फर्टिलाइज होकर 'Embryo' बन जाता है तो उसे Surrogate mother की कोख में Insert कर दिया जाता है।

यहाँ यह देखा जा सकता है कि जो बच्चा जन्म लेगा उसमे पाए जाने वाले अनुवांशिक गुण अपने पिता के और सेरोगेट महिला के होते हैं जिससे यहाँ अनुवांशिकता एक मुद्दा हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया को हम 'In Vitro Fertilization' कहते हैं।

Gestational surrogacy:- इस सरोगेसी में वैवाहिक दंपत्ति जिसमें महिला के 'Egg's' और पुरुष के Spe*m को लिया जाता है और प्रयोगशाला में Fertilize किया जाता है और बाद में उसे सेरोगेट मदर की कोख में Insert कर दिया जाता है,यहां महिला अपना कोख किराए पर देती है।

Surrogacy का प्रयोग किन्हें करना चाहिए:

  • यह उनके लिए है जो किसी मेडिकल कारणों की वजह से संतान सुख से वंचित हैं।
  • महिलाओं के लिए है जो कभी मां नहीं बन सकती, या मां बनना उनके लिए रिस्की हो सकता है।
  • यह उन महिलाओं के लिए भी है जो गर्भवती तो होती हैं लेकिन बार-बार लगातार उनका गर्भ खराब हो जाता है।

सेरोगेसी के द्वारा कोई भी दंपत्ति या कपल जिनके साथ मेडिकल इश्यूज हैं वह संतान सुख पा सकते हैं।

Surrogacy में विवाद या अन्य मुद्दे

Surrogacy को अगर एक प्रकार से देखा जाए तो एक तरह बढ़ावा है Commercialization of Motherhood को, इसका प्रयोग वह वैवाहिक दंपत्ति भी करते हैं जिनको सरोगेसी की जरूरत नहीं है कहीं ना कहीं Motherhood की भी कीमत लगाई जा रही है। इससे Surrogate Mother का शोषण भी होता है उन पर शारीरिक,मानसिक दबाव पड़ता है। कई बार बलपूर्वक उन्हें सरोगेसी के लिए मनाया जाता है।

बच्चे की देखरेख का भी एक मुद्दा देखने को मिलता है Traditional Surrogacy में बच्चे के अंदर सरोगेट मदर के अनुवांशिक लक्षण आते हैं जिसकी वजह से उसकी अपनी मां का जुड़ाव और लगाव बच्चे से सही तरह से नहीं हो पाता है। Surrogacy का प्रयोग High प्रोफाइल अर्थात उच्च कोटि के धनाढ्य लोग इसका प्रयोग ज्यादा करते हैं जैसे-प्रसिद्ध निर्देशक Karan Johar, अभिनेता Tushar Kapoor ऐसे बहुत सारे लोग संतान शुख प्राप्त कर रहें हैं। Fashion Surrogacy में एक Term दिया गया है उन महिलाओं के लिए जो प्राकृतिक तौर से मां बन सकती हैं मगर वह जानबूझकर सरोगेसी का प्रयोग करती हैं। इसका कारण है कि वह तकलीफ जो बच्चे के जन्म के दौरान महिला को सहना पड़ता है, इस तरह की सरोगेसी के मामले भी लगातार सामने बढ़ रहें हैं।

Surrogacy Laws in India (The Surrogacy Regulation Bill, 2019)

इस बिल को संसद ने दिसंबर 2021 को पास किया था और साथ में ही संसद ने  'Assisted Reproductive Technology Regulation Bill 2021' को भी पास किया था। AIIMS की रिपोर्ट बताती है कि भारत में लगभग 10 से 15 प्रतिशत दंपत्ति बांझपन का शिकार हैं, इसीलिए संसद ने इस समस्या को देखते हुए इन दोनों Bill को पास किया।

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Surrogacy Regulation Bill, 2019 के कुछ facts

इस 2019 के बिल में सरकार ने क्या मुख्य तथ्य शामिल किया है कुछ बिंदुओं में इसे समझें

  • भारत का कानून Commercial Surrogacy को निषेध करता है लेकिन Altruistic (सद्भावना) में सरोगेसी को मान्यता देता है।
  • यह बिल के लिए राष्ट्रीय तथा राज्य(प्रत्येक राज्य) दोनों स्तरों पर Boards बनाए जाएँगे जो रेगुलेट करेंगे Surrogacy के Registration तथा Surrogacy Clinics को।
  • यह बिल बताता है कि कब सरोगेसी मान्य होगी, यह उन दंपतियों के लिए होगा जो यह प्रूफ करेंगे कि वह बच्चे को जन्म देने के योग्य नहीं है और वैधानिक तरीके से बच्चे को अपनाएंगे।
  • इस बिल के अनुसार यहां पर सेरोगेट मदर को इंश्योरेंस का तथा उसके मेडिकल एक्सपेंस का भी ध्यान दिया जाएगा।

सेरोगेसी में वैवाहिक दम्पत्ति के लिए पात्रता (Surrogacy Eligibility Criteria)

अगर आप सेरोगेसी सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं तो उसके बारे में जानकारी अवश्य होनी चाहिए कुछ प्रमुख पॉइंट्स हैं जो आपकी पात्रता को कन्फर्म करेगा।

  • दंपत्ति भारत का नागरिक हो और कम से कम 5 साल से शादीशुदा हो।
  • महिला की आयु 23 से 50 वर्ष तक तथा पुरुष की आयु 26 से 55 हो।
  • उनका कोई जीवित बच्चा नहीं होना चाहिए, न ही कोई पहले से सेरोगेसी बच्चा या गोद लिया हो।

Surrogacy Mother Eligibility Criteria

कुछ जरूरी बात सेरोगेट मदर के लिए हैं क्योंकि सरकार द्वारा कुछ सालों में कड़ाई बरती गई है इसके पीछे की वजह यह है कि लोग इसे व्यापार समझ रहे थे जबकि यह संतान से मजबूर दंपत्तियों के लिए एक सुविधा है आप इन बिन्दुओं को अच्छे से पढ़कर ही आगे बढ़ें।

  • Surrogacy Mother, दम्पत्ति की खास या अच्छे परिचय वाली होनी चाहिए।
  • महिला की उम्र 25 साल से 35 साल के बीच होनी चाहिए।
  • वह सरोगेसी अपने जीवन काल में सिर्फ एक ही बार कर सकती है।
  • वह महिला शादीशुदा होनी चाहिए जिसका कम से कम एक बच्चा होना चाहिए। 
  • उसके पास साइकोलॉजिकल और फिजिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • आगे भविष्य में वह अपना एग (Gamets) एक दूसरी सरोगेसी के लिए नहीं दे सकती है।

Penal Provisions Surrogacy Bill (आपराधिक सजा)

इस बिल में पीनल प्रोविजंस भी हैं कामा यहां पर सजा भी दी जाएगी अगर ऊपर दिए गए नियमों को माना नहीं गया तो,

  • 10 साल सजा और 10 लाख जुर्माने का प्रावधान है।
  • Commercial Surrogacy का प्रचार नही होना चाहिए।
  • Surrogate Mother का शोषण नही होना चाहिए।
  • Surrogate Child अर्थात सेरोगेसी से पैदा होने वाले बच्चे पर किसी भी प्रकार का शोषण नही होना चाहिए।
  • 'भ्रूण' और 'एग्स'(Gamets) को बेचना और आयात करना अवैध होगा।

Surrogacy Bill को सरकार ने बहुत विचार विमर्श कर संसद में पारित किया है ताकि आने वाले समय में सरोगेसी का दुरुपयोग ना हो।

निष्कर्ष

सेरोगेसी एक विकल्प है खासकर मजबूर दंपत्तियों के लिए जो वंचित हैं संतान सुख से, लेकिन आजकल मॉडर्न दुनिया ने विज्ञान का गलत इस्तेमाल करने लगी है,कुछ ऐसे भी लोग हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं वह इसका सहारा लेना चाहते हैं।

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